16 Feb 2019आज की मुरली से कविता (Today’s murli poem)

*मुरली कविता दिनांक 16.2.2019*

​बाप हमें जैसा पढ़ाते उसे वैसा ही धारण करना
ऊंच पद पाने के खातिर श्रीमत पर चलते रहना

​ड्रामा में हर आत्मा अपना एक्यूरेट पार्ट बजाती
वो कभी ना रोएगा जिसे ये बात समझ में आती

​साक्षी भाव से इस ड्रामा को बच्चों देखते रहना
इस अनादि ड्रामा पर अफसोस कभी ना करना

​ईश्वरीय ज्ञान का तुम विचार सागर मंथन करना
खुद को तुम ईश्वरीय ज्ञान रत्नों से भरपूर करना

​ड्रामा का राज सबको अच्छी रीति से समझाना
किसी बात में कभी तुम अफसोस नहीं जताना

​बहुतकाल अभ्यास कर अवस्था एकरस बनाना
याद न आए और कोई इक बाप में दिल लगाना

​सबको तुम भाई भाई की नजर से देखते जाना
याद सदा रहे अब हम सबको वापस घर जाना

​सबकुछ बाप को देकर डबल लाइट बन जाना
कमल पुष्प की तरह न्यारे और प्यारे कहलाना

​रूहानियत के बल से रोब को अन्दर से मिटाना
देह के भान से गलकर सच्चे पाण्डव कहलाना

​*ॐ शांति*

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