परिवार और बिज़नेस लिए श्रीमत (Q and A)

Question Answer in Hindi -a response given by us upon an asked question via email. Read here the question and its answer, Shrimat of Shiv baba on How to best handle family and business life using a middle way and satisfy everyone.

Asked Question:

प्यारे बाबा

मैं एक आत्मा हूं मेरा नाम ललित शर्मा है और मैं मयूर विहार दिल्ली मैं रहता हूँ मैं पिछले एक साल से खाली बैठा हूँ पर अब ब्रह्म कुमार भाई संजय भरद्वाज के मार्गदर्शन में मै एक गारमेंट्स का बिज़नेस शुरू कर रहा हूँ मैंने दो लाख पचास हज़ार का बैंक से लोन लिया है जिसमे मैं ९९ रुपए मैं सेल का काम हल्द्वानी या काठगोदाम मैं शुरू करने का सोचा है पर मेरी दुविधा यह है की मैं यह निश्चय नहीं कर पा रहा हूँ कि यह काम मैं यहाँ शुरू करूँ या वहाँ पर, क्योंकि मेरी माताजी मेरी धर्मपत्नी मेरी बहन मेरे मित्र यह कह रहे है की मुझे इस काम को यहाँ शुरू करना चाहिए क्योंकि यह मेरे घर कि पास होगा और ये सब लोग मेरी सहायता कर सके पर यहाँ पर जगह कि साथ लेबर भी महंगी है वहां पर सस्ती है और वहां पर लोग भी ईमानदार है लोकेशन भी अच्छी है , क्योंकि अगले महीने से मुझे बैंक कि किश्त हर महीने कि ५००० रुपए भी देनी है , वो भी सात साल तक | बाबा, अपने इस बच्चे का मार्गदर्शन करे l

आपका बच्चा

ललित शर्मा

Our Response:

To: ललित कुमार

प्रिय मीठे ब्रह्मा कुमार ललित

आपका पत्र मिला। आपने अपने जीवन का और व्यापार का समाचार दिया और बाबा से मार्गदर्शन माँगा है।

साकार मुरलियो में भी बाबा ने यही समझाया है की ऐसा बाप किसी को डायरेक्शन (direction) नहीं देते की यह बिज़नेस (व्यापार) करो व वो करो, लेकिन इतना जरूर कहेंगे की –

बाबा कहते है: ”जो भी करो पूरी लगन से करो और अपने ब्राह्मण धर्म में स्थित रह कर करो ल ब्राह्मण जनम तुम्हारा सर्व श्रेष्ठ जनम है, अभी तुम मनुष्य से देवता बन रहे हो, तो तुम्हारी चलन भी बहुत रॉयल और दिव्य रहे। शांत मन से सभी को साथ लिए उमंग उत्साह से आगे बढ़ो। सभी को खुश रखो और ख़ुशी से कार्य करो।”

शिव बाबा का एक translight फोटो अपने कर्म क्षेत्र (work place) पर रखने से आपको घडी घडी याद आएगी। जानते हो ना, याद हमारा first subject है। Shiv baba wallpapers: https://www.brahma-kumaris.com/shiv-baba-wallpaper

दूसरी बात ( कहा पर बिज़नेस शरू करे ?)

पहले तो परिवार की बात भी ठीक है – की नजदीक होंगे, तो परिवार का कोई भी मदद के लिए आ सकता है. और घर से नजदीक है, तो समय बचेगा।

दूसरी तरफ आपको बेहतर जगह मिली है, जहा बेहतर मजदूर है

ऐसे में ‘middle way’ अपनाना चाहिए। अगर हो सके, तो वह जहा business बेहतर है, वह ही एक घर ले लो। . पहले आप तपश करो – घर मिल सकता है या नहीं , फिर देखो –

अगर घर मिलता है, तो वही रहना, नहीं तो यही अभी के घर के नजदीक ही बिज़नेस शरू कर दो।

घर परिवार के समीप रहना अधिक जरूरी है। बाबा के बने हो, तो २ वक्त की रोटी जरूर मिल जाएगी – यह परमात्मा का वचन है।

सिर्फ श्रीमत पर चलते रहना। कभी मुरली मिस न हो जाये। और सब बाद में, मुरली सुनना पहले।

अपने परिवार को भी ईश्वर परमपिता का और यह ईश्वरीय ज्ञान का परिचय देना।

यह videos जरूर देखे और अपने परिवार के साथ भी देखे: https://www.brahma-kumaris.com/single-post/videos-Films-and-Documentaries-1

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तो यह शिव बाबा की श्रीमत है – अपना समाचार द्वारा लिखना

अच्छा

नमस्ते

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